➤ अमेरिका-ईरान के बीच 40 दिन बाद 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति, पाकिस्तान की मध्यस्थता अहम
➤ होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित जहाज आवाजाही पर बनी सहमति, तेल बाजार में राहत
➤ युद्धविराम के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 2700 अंक चढ़ा
करीब 40 दिनों से जारी अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संघर्ष के बाद आखिरकार बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख की अपील के बाद लिया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक इस समझौते में पाकिस्तान की मध्यस्थता और अंतिम समय में चीन के राजनयिक दबाव की अहम भूमिका रही।

सीजफायर से पहले स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो अमेरिका कठोर सैन्य कार्रवाई करेगा। अब समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई स्थगित करेगा। इस दौरान तेल, गैस और अन्य व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल व्यापार की आवाजाही होती है, इसलिए इस समझौते को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत माना जा रहा है।
समझौते के बाद वैश्विक और भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2700 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी 815 अंकों की तेजी के साथ 23,900 के पार पहुंच गया। निवेशकों का भरोसा लौटने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार में सकारात्मक माहौल बना। कई रिपोर्टों में बताया गया है कि युद्धविराम के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज गिरावट आई, जिससे ऊर्जा आयातक देशों को बड़ी राहत मिली।
भारतीय मुद्रा बाजार पर भी इसका सकारात्मक असर दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया 50 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.56 पर पहुंच गया। बाजार की नजर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर भी बनी हुई है, जिससे आगे निवेशकों की रणनीति प्रभावित हो सकती है।




